अयोध्या राम मंदिर पर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भारत का सख्त जवाब: "हमारे आंतरिक मामले में दखल न दें"

अयोध्या राम मंदिर पर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भारत का सख्त जवाब: "हमारे आंतरिक मामले में दखल न दें"

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पिछले हफ्ते, पाकिस्तान ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया, जिसके बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को इस मामले में दखल न देने की हिदायत दी है। सरकारी सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि "पाकिस्तान का राम मंदिर मुद्दे में कोई लेना-देना नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने सभी धर्मों को समान स्थान दिया है और पाकिस्तान को इस मामले में कोई अधिकार नहीं है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 19 जनवरी को जारी एक बयान में कहा था कि, "अयोध्या में एक मंदिर के निर्माण का फैसला भारत के धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत से धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।"

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के बयान का तीखा जवाब देते हुए कहा कि, "पाकिस्तान को अपने ही देश में अल्पसंख्यकों के प्रति अपने रवैये पर ध्यान देना चाहिए। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और सभी धर्मों को समान सम्मान देता है। राम मंदिर का निर्माण भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार हो रहा है और इसमें किसी बाहरी देश को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।"

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बयान भारत के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी है और इसका मकसद भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना है। पाकिस्तान अक्सर भारत के खिलाफ इस तरह के बयान जारी करता रहता है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता रहता है।

इस घटना के बाद, भारत में कई राजनीतिक दलों और हिंदू संगठनों ने पाकिस्तान के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने देश के अल्पसंख्यकों की समस्याओं को हल करने पर ध्यान देना चाहिए और भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

यह घटना एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच के तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करती है। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, जिनमें कश्मीर विवाद सबसे प्रमुख है। इन मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच कई दशकों से तनाव बना हुआ है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग से ही इन समस्याओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर करने के लिए प्रयास करने चाहिए और एक शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व स्थापित करना चाहिए।

अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि पाकिस्तान का अयोध्या राम मंदिर पर दिया गया बयान भारत और पाकिस्तान के बीच के पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ सकता है। दोनों देशों को इस मामले को संजीदगी से लेते हुए बातचीत और कूटनीति के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

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