विश्वास मत जीतकर नीतीश बोले- अब एनडीए में ही रहेंगे, आरजेडी ने कहा- 'कोई आए न आए

विश्वास मत जीतकर नीतीश बोले- अब एनडीए में ही रहेंगे, आरजेडी ने कहा- 'कोई आए न आए

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नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है. विश्वास मत पर पहले ध्वनिमत से फ़ैसला लिया गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कहने पर वोटिंग कराई गई और विश्वास मत के पक्ष में 129 वोट पड़े.

वोटिंग में विपक्ष के विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया. बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 विधायकों के समर्थन की ज़रूरत होती है. नीतीश कुमार बीते महीने 28 जनवरी को महागबंधन (जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस का गठबंधन) से अलग होकर सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उसी शाम नीतीश कुमार ने एनडीए (बीजेपी, जेडीयू और अन्य दल) सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

नीतीश कुमार ने सोमवार (12 फरवरी) को विधानसभा में विश्वास मत पेश किया. विश्वास मत के पहले दोनों ओर से बयानों का दौर जारी था. विपक्ष ‘खेला’ होने का दावा कर रहा था तो बीजेपी और जेडीयू के नेता विश्वास मत हासिल करने का दावा कर रहे थे. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वास मत पेश करने से पहले बीजेपी विधायक नंद किशोर यादव ने स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. प्रस्ताव के समर्थन में बहुमत होने के कारण चौधरी ने कुर्सी छोड़ दी और डिप्टी स्पीकर माहेश्वर हजारी ने कुर्सी संभाली.

'क्या मोदी जी गारंटी लेंगे...?'
विश्वास मत पर चर्चा के दौरान बयानों के तीखे तीर चले. महागठबंधन की ओर से पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी नेताओं से कई सवाल पूछे. उन्होंने दावा किया, “कोई आए न आए, जब समय आएगा, तब तेजस्वी आएगा.”

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2005 से अपनी सरकारों के काम गिनाते हुए दावा किया कि वो आगे एनडीए में बने रहेंगे. विश्वास मत पर चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने सबसे ज़्यादा हमला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किया.

उन्होंने कहा, “हम माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहते हैं कि लगातार नौ बार उन्होंने शपथ लेकर इतिहास रचने का काम किया है. एक ही टर्म में तीन तीन बार (शपथ) लिया, ऐसा अद्भुत नज़ारा हम लोगों ने नहीं देखा.” तेजस्वी यादव ने कहा, “ (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी का गारंटी तो बहुत मजबूत वाला गारंटी है, क्या मोदी जी गारंटी लेंगे कि फिर से पलटेंगे कि नहीं पलटेंगे.”

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से सवाल किया, “आपने बोला था न कि हम महागठबंधन इसीलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि हमारी पार्टी को तोड़ा जा रहा है, हमारे विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है. आपने कहा था कि भई हम लोगों का एक ही लक्ष्य है, न प्रधानमंत्री बनना है. न किसी को मुख्यमंत्री बनना है. देश भर के विपक्षियों को गोलबंद करके जो तानाशाह है, उसको दोबारा नहीं आने देना है. इसीलिए न आप आए थे?”

बिहार में मोदी को रोकने का दावा
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि अगले चुनाव में वो बिहार में नरेंद्र मोदी और बीजेपी को रोकने का काम करेंगे. उन्होंने कहा, “आप जो झंडा लेकर चले थे कि मोदी जी को देश में रोकना है, आपका भतीजा झंडा उठाकर के मोदी जी को बिहार में रोकने का काम करेगा.” तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी जी डिप्टी सीएम बने, इनका बयान हमने देखा कि भाजपा इनकी मां है, हम कहना चाहते हैं कि आरजेडी आपकी मां हुई न ओरिजनल. आप अस्वीकार कीजिए लेकिन जनता तो इस बात को जानती है.”

तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की घोषणा को ‘वोट बटोरने की डील’ बताया. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नीतीश कुमार पर दिए पुराने बयान का ज़िक्र करते हुए उन पर भी तंज़ कसा.

नीतीश कुमार ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए के दूसरे नेताओं ने भी विपक्ष पर ज़ोरदार हमला किया.
विश्वास मत पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते बिहार में विकास के कई काम हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन सरकार में शामिल रहे आरजेडी के नेता ‘कमा रहे’ थे.

नीतीश कुमार ने कहा, “याद है हमने कब से काम करना शुरू किया है. 2005 से. 2005 से जब काम शुरू हुआ है, उसके बाद से बिहार का कितना विकास हुआ है, हमारे पहले इनके पिता (लालू प्रसाद यादव) को और इनकी माता (राबड़ी देवी) को 15 साल तक काम करने का मौका मिला, तो क्या हुआ था बिहार में जी, क्या होता था, शाम में कोई भी आदमी घर से बाहर निकलता था? कहीं कोई सड़क था, कोई रास्ता था? ”

उन्होंने कहा, “और ये बात करते हैं कि इनके साथ मुस्लिम हैं तो कितना मुस्लिम हिंदू का झगड़ा होता था. जब हम आए तो हिंदू मुस्लिम का झगड़ा बंद कराए.” आरजेडी नेताओं पर आरोप लगाते हुए नीतीश कुमार ने कहा, “हम किसी के ख़िलाफ़ नहीं है. हम इन लोगों को इज्जत दिए हुए थे. हमको पता चला कि ये लोग कमा रहे हैं.”

खुद पर बार-बार पाला बदलने का आरोप लगने पर नीतीश कुमार ने कहा, “हम पुरानी जगह पर आ गए हैं. अब हम आ गए हैं, यहीं रहेंगे. सब दिन के लिए आ गए हैं. हमेशा के लिए आ गए हैं. ”

'धोखे से छीना गया था जनादेश'
बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जनादेश एनडीए को मिला था. जनता ने सत्ता एनडीए को सौंपी थी लेकिन ये जनादेश ‘धोखे से छीन लिया गया.’ विजय कुमार सिन्हा ने कहा, ''वंशवाद की राजनीति नहीं चलेगी. आप तो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं. आप पांच बार विपक्ष के नेता रहे लेकिन जनता के हित के लिए आपने क्या किया.''

कथित 'जमीन के बदले नौकरी घोटाले' की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा,'' जब कार्रवाई होती है तो वो कहते हैं मैं तो बच्चा था. लेकिन ये संपत्ति कहां से आई. भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होती है तो भ्रम फैलाते हैं. वे कहते हैं कि हमसे प्रश्न पूछेंगे तो बताएंगे, रोएंगे नहीं.'' विजय कुमार सिन्हा ने कहा, ''पिछली सरकार में हमारी संस्कृति पर बार-बार चोट की जाती थी. 

धर्म का अपमान किया जाता था. सनातन की संतानों को परेशान किया जाता रहा था. सीएम बार-बार टोकते थे कि किसी धर्म का अपमान मत करो. लेकिन हमारे पूजनीय राम के बारे में टिप्पणी की गई'' उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल में लाखों बिहारियों का पलायन हुआ सिर्फ इसलिए कि इनके शासन में जंगल राज था.

सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
वहीं, दूसरे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने आरजेडी और तेजस्वी यादव पर तीखे हमले किए.
तेजस्वी यादव के बिहार के लोगों को नौकरी देने के दावे पर सवाल उठाते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, ''लोग कहते हैं कि हमने नौकरी दे दी. लालू जी के पूरे राज में बिहार में एक लाख लोगों की नौकरी भी नहीं लगी. नीतीश के नेतृत्व में 2020 तक साढ़े सात लाख लोगों की नौकरी लगी.''

उन्होंने कहा, “आप (तेजस्वी यादव) छोटे भाई हैं. आपको सलाह है कि मेहनत करिए तो आगे के लिए अच्छा होगा. आप ऐसे हैं, जो डेढ़ साल की उम्र में अरबपति बन गए. लालू जी 15 साल सत्ता में रहे तो चारा खा गए. जब रेल मंत्री हुए तो रेलवे का नौकरी खा गए. यही क्वालिटी है आपकी.”
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